कई जगह बारिश वरदान बन कर आती है, तो कई जगह विनाश और पहाड़ी इलाकों में कई बार ये विनाश विकराल रूप ले लेता है. जिससे लोगों की सामान्य ज़िंदगी भी काफ़ी कठिन हो जाती है. कुछ ऐसे ही दृश्य हिमाचल प्रदेश के शिमला, सिरमौर, सोलन और किन्नौर जिलों में देखने को मिल रहे हैं. 

लगातार हो रही बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश के मध्यवर्ती और पर्वतीय इलाकों में लोगों को कड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. प्रदेश के कई जगहों पर भूस्खलन की वजह से सैकडों रास्ते बंद हुए हैं. वहीं, संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है. 

200 से अधिक सड़के बंद

पूरे प्रदेश में करीब 200 से अधिक सड़के बंद है. बीते 24 घंटों में 158.9 मिमी वर्षा सिरमौर के नाहन में देखने को मिली है. इसके अलावा सोलन में 80.2 मिमी, कांगड़ा के नगरोटा सूरियां में 62.5 मिमी, गूलर में 56.3 मिमी, सिरमौर के धौलाकुआं में 55.5 मिमी, शिमला के नारकंडा में 54.5 मिमी, कुफरी में 50.8 मिमी, कुल्लू के सैंज में 48 मिमी, शिमला शहर में 37.5 मिमी और मशोबरा में 36.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई. 

मौसम विभाग ने 14 जुलाई तक भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है. 

मानसून की शुरुआत में ही 17 लोगों की मौत 

मानसून में अत्यधिक वर्षा और भूस्खलन के कारण करीब 17 लोग अपनी जान गवा चुके हैं, जिनमें से 3 मौते आज यानी 11 जुलाई को हुई हैं. वहीं, भूस्खलन की घटना में 5 लोग घायल हुए हैं. 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोगों की मौत भूस्खलन के दौरान सिर पर पत्थर गिरने, फिसलन के कारण ढाँक में गिरने जैसी वजहों से हुई है. 

मुख्यमंत्री ने उठाया बड़ा कदम

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में एक कार्यशाला के समापन समारोह के दौरान एक घोषणा की. जिसमें उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने और राज्य को सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 3,500 करोड़ रुपये की लागत से आपदा रोधी आधारभूत संरचना विकसित की जाएगी. उन्होंने कहा कि हिमाचल में आपदाओं को रोकने के लिए अलग-अलग योजनाएं भी बनायी जायेंगी ताकि हालात को काबू में किया जा सके.

3 साल में दर्ज हुई इतनी मौतें 

पिछले साल यानी 2025 में 98 फ़्लैश फ्लड, 47 क्लाउडबर्स्ट और 148 लैंडलाइड दर्ज किए गए थे. जिनमें क़रीब 448 लोगों की जान चली गईं. वर्ष 2024 में अलग-अलग अपदाओं में यह आकड़ा करीब 318 मौतें दर्ज करता है. वहीं, 2023 में SDMA की विस्तृत पोस्ट डिजास्टर रिपोर्ट के अनुसार, भीषण मानसून के दौरान 32 फ्लैश फ्लड और 163 लैंडस्लाइड दर्ज हुईं और 428 लोगों की मौत हुई. 

मानसून से हिमाचल में बच्चों की शिक्षा पर भी काफ़ी असर पड़ता है क्योंकि कल यानी शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश को देखते हुए कई क्षेत्र में स्कूल बंद करने पड़े. 

उत्तराखंड में भी बारिश से कहर

लेकिन हादसे केवल हिमाचल तक ही सीमित नहीं हैं क्योंकि उत्तराखंड में भी बारिश से हो रहा कहर देखने को मिल रहा है. भारी बारिश के चलते देहरादून समेत सात जिलों में शुक्रवार को 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहे. वहीं हरिद्वार जिले के भगवानपुर में उफनती नदी में डूबने से 18 साल के एक लड़के की मौत हो गई. 

"कई जगह बारिश वरदान बन कर आती है, तो कई जगह विनाश और पहाड़ी इलाकों में कई बार ये विनाश विकराल रूप ले लेता है. जिससे लोगों की सामान्य ज़िंदगी …"