वैश्विक एवं भारतीय बाजार में सोने के दाम में भारी उतार- चढ़ाव देखने को मिल रहा है. इस वर्ष जनवरी में सोने के भाव ने ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की है, लेकिन फ़रवरी के आखिरी हफ्ते में अमेरिका इज़रायल-ईरान युद्ध की स्थिति और तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर अर्थव्यवस्थाओं में हलचल देखने को मिली है. हाल के दिनों में सोने के भाव में भारी गिरावट आई है. सोना 28 जनवरी 2026 को अपने उच्चतम स्तर पर था पर अब इसमें लगभग 19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.
आज क्या रहा सोने का भाव
MCX पर आज सोने के भाव में 0.34 प्रतिशत की गिरावट देखी गई . प्रति 10 ग्राम सोने का भाव 1,58,800 ₹ दर्ज किया तो वहीं चांदी 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2.67 लाख ₹ प्रति किलोग्राम पहुंच गई. भारत में सोने पर आयात शुल्क अभी हाल में 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है, आयात शुल्क में की गई यह वृद्धि भी सोने के गिरते भाव का एक कारण हो सकता है.
मजबूत डॉलर एवं कमजोर सोना
दुनिया के लगभग प्रत्येक देश अपने सम्पूर्ण व्यापार डॉलर में ही करते है. डॉलर में व्यापार होने से अमेरिकन डॉलर लगातार मजबूत होता जा रहा है .सोने की खरीदारी भी डॉलर में ही होती है एवं जब डॉलर मजबूत होता है तो अन्य मुद्राएँ कमजोर होती है. जिसके कारण आप उसी पैसे में पहले की अपेक्षा कम सामान खरीद पाते है जिससे माँग में गिरावट आती है, ऐसी स्थिति में सोने का भाव लगातार गिरता है.
अमेरिकन फेडरल बैंक की भूमिका
वैश्विक तनाव के बीच लगभग प्रत्येक देश की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है अमेरिका भी इससे अछूता नही है. वहाँ भी अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है और महंगाई जोर पकड़ रही है. महंगाई को देखते हुए अमेरिकी फेडरल बैंक ब्याज की दरों में वृद्धि की घोषणा कर सकता है जिससे निवेशको का ध्यान सोने के निवेश से हटकर अमेरिकन बॉन्ड पर जाने की आशंका है.
आगे कैसी रहेगी सोने की चाल
अमेरिका के उपभोक्ता मू्ल्य सूचकांक (CPI) का डाटा सार्वजनिक होने वाला है जो आगे सोने के भाव पर सीधे-सीधे प्रभाव डालेगा, अगर CPI डाटा में वृद्धि होती है तो सोना और भी सस्ता हो सकता है एवं अगर डाटा में कमी आती है तो सोना एक मजबूत राह पकड़ सकता है.
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