जब भी आप फूड डिलीवरी राइडर का नाम सुनते होंगे, तो आपके ज़हन में सबसे पहले एक ऐसे शख्स की तस्वीर आती होगी, जिसका काम सिर्फ़ ऑर्डर किया गया खाना समय पर ग्राहक तक पहुंचाना है. लेकिन चीन के फूड डिलीवरी राइडर वांग जिबिंग की कहानी इससे काफ़ी अलग है. उन्होंने इस काम के पीछे छिपी रोज़मर्रा की जद्दोजहद, चुनौतियों और मेहनत को लोगों के सामने ऐसे पेश किया, जिसने उन्हें सबसे बड़ा साहित्यिक पुरस्कार विजेता बनाया. 

चीन में फूड डिलीवरी राइडर के तौर पर काम करने वाले वांग जिबिंग ने अपनी मेहनत और लेखनी के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसकी शायद ही किसी ने कल्पना की हो. उन्हें देश के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मानों में से एक ‘लू शुन साहित्य पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान उनके कविता संग्रह 'लो फ्लाइट' के लिए दिया गया.

सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस किताब की कई कविताएं उन्होंने डिलीवरी के दौरान मिले कुछ खाली पलों में, कागज़ के छोटे-छोटे टुकड़ों पर लिखीं. धीरे-धीरे उनकी कविताएं सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीतने लगीं और उनकी पहचान एक कवि के रूप में भी बनने लगी.

कविता में छिपी 200 डिलीवरी राइडर्स की कहानी 

साल 2024 में प्रकाशित 'लो फ्लाइट' सिर्फ़ एक कविता संग्रह नहीं, बल्कि डिलीवरी राइडर्स की रोज़मर्रा की ज़िंदगी, संघर्ष, थकान, उम्मीद और अनसुनी कहानियों का दस्तावेज़ है. इस किताब को लिखने के लिए वांग ने करीब 200 डिलीवरी राइडर्स से बातचीत की और उनके अनुभवों को अपनी कविताओं में जगह दी.

आख़िर एक फूड डिलीवरी राइडर से देश के सबसे चर्चित कवियों में शामिल होने तक का वांग जिबिंग का सफ़र कैसा रहा? आइए जानते हैं उनकी ज़िंदगी की पूरी कहानी.

कविता को मिला 20 Million लोगों का प्यार 

वांग जिबिंग अपनी लिखी कविताओं को चीनी सोशल मीडिया (जैसे वीबो और अन्य ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म) पर सिर्फ टेक्स्ट मैसेज या साधारण पोस्ट के रूप में शेयर किया करते थे. लेकिन 2022 में उनकी कविता “मैन इन ए हरी” लोगों के बीच में काफ़ी लोकप्रिय हुई. दरअसल एक पोएट्री लवर सोशल मीडिया यूजर ने उनकी इस कविता को अपने अकाउंट से रिपोस्ट किया. इसके बाद लोगों को इसके शब्द इतने पसंद आए कि यह टेक्स्ट पोस्ट तेजी से आगे शेयर होने लगी और इसे 2 करोड़ (20 मिलियन) से अधिक व्यूज मिले. 

2019 की घटना ने किया लेखन के लिए मजबूर 

यह कविता उनके साथ हुई 2019 की एक घटना पर आधारित है. उस वक्त वांग चीन के जियांगसू प्रांत के कुनशान शहर में फूड डिलीवरी राइडर के तौर पर काम कर रहे थे. एक दिन एक ग्राहक ने ऑर्डर में गलत पता दर्ज कर दिया. सही घर तक पहुंचने के लिए वांग को तीन अलग-अलग रिहायशी इमारतों में भटकना पड़ा और 18वीं मंजिल तक सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं. 

काफी मशक्कत के बाद जब वह खाना लेकर ग्राहक के दरवाज़े पर पहुंचे, तो उन्हें देर होने के लिए डांट सुननी पड़ी. उस घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया. घर लौटकर उन्होंने अपने गुस्से, बेबसी और दर्द को शब्दों में पिरोया. यही एहसास आगे चलकर उनकी मशहूर कविता 'मैन इन ए हरी' की वजह बना.

देखते ही देखते वांग और उनकी यह कविता चीन में काफ़ी मशहूर हो गई. जिसके बाद मीडिया ने उनके जीवन पर शोर्ट फ़िल्में और वीडियो डाक्यूमेंट्री बनाईं.  इसके बाद 2023 में उनका पहला कविता संग्रह 'मैन इन ए हरी: पोएम्स ऑफ ए फूड डिलीवरी राइडर' प्रकाशित हुआ. 

इस किताब की एक कविता की पंक्ति:

“सड़क पर दौड़ता हर आम इंसान अपने हाथ में एक छोटी-सी रोशनी लिए चलता है. यही रोशनी पहले हमें रास्ता दिखाती है और फिर धीरे-धीरे पूरी दुनिया को रोशन कर देती है.”

 

13 साल की उम्र में छोड़ दी थी पढ़ाई

56 वर्षीय वांग जिबिंग का जन्म चीन के एक ग़रीब ग्रामीण परिवार में हुआ था. वह 2019 के आसपास फ़ूड डिलीवरी राइडर बने थे. घर की ख़राब आर्थिक स्तिथि की वजह से उन्हें केवल 13-14 की उम्र में पढ़ाई छोड़नी पड़ी. इसके बाद उन्होंने परिवार का पेट भरने और जीवन चलाने के लिए मजदूरी, कचरा बीनना और सड़क किनारे सामान बेचने जैसे कई छोटे-मोटे काम किए. 

क्या है उपनाम 'शी हुआंग' का मतलब?

साहित्य की दुनिया में वांग जिबिंग का एक उपनाम 'शी हुआंग' भी है. चीनी संस्कृति में यह नाम एक गहरे संघर्ष और मिट्टी से जुड़े इंसान को दर्शाता है, जिसे वे अपनी पहचान मानते हैं. ये नाम उन पर  सटीक बैठता है क्योंकि पुरस्कार मिलने के बाद भी वांग ने दावा किया है कि वह फ़ूड डिलीवरी राइडर का काम नहीं छोड़ेंगे. 

वांग ने सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स से कहा,

“अब मुझे जीवनयापन के लिए इस नौकरी की जरूरत नहीं है, लेकिन मुझे यह काम पसंद है और मैं 60 साल की उम्र तक यह काम करना चाहता हूं. इससे मैं सक्रिय और फिट रहता हूं. मैं जमीन से जुड़ी जिंदगी जीना चाहता हूं और यह पुरस्कार मुझे नहीं बदलेगा.

 

"Low Flight" बुक टाइटल के पीछे छिपा यह विचार 

उन्होंने अपनी पुरस्कार विजेता किताब का नाम 'लो फ्लाइट' (Low Flight) इसलिए रखा है क्योंकि इसके पीछे उनका एक अनूठा विचार है जो वे अक्सर कहते हैं: 

"कौन कहता है कि पंख फैलाने का मतलब हमेशा बहुत ऊंचा उड़ना ही होता है? ज़मीन के करीब रहकर, नीचे उड़ान भरना भी तो एक उड़ान ही है.” 

उनका यह विचार उन करोड़ों मजदूरों के लिए है जो ऊंचे पदों पर तो नहीं हैं, लेकिन जीवन की जंग लड़ रहे हैं. 

आपको बता दे, उनकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, उनकी पुरस्कार विजेता किताब 'लो फ्लाइट' का अंग्रेजी अनुवाद अमेरिका के 'चैक्स प्रेस'  द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है. वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वांग अपने अगले कविता संग्रह 'आई क्लमज़िली लव दिस वर्ल्ड' (I Clumsily Love this World) पर भी काम कर रहे हैं. 

"जब भी आप फूड डिलीवरी राइडर का नाम सुनते होंगे, तो आपके ज़हन में सबसे पहले एक ऐसे शख्स की तस्वीर आती होगी, जिसका काम सिर्फ़ ऑर्डर किया गया खा…"