भारत का एक नारा जो जनसभाओं और आन्दोलनों में काफी प्रसिद्द है और खूब इस्तेमाल होता है वह चर्चा का विषय बना हुआ है. खास बात यह है कि इस चर्चा की लौ भारत में नहीं इस बार विदेश से उठी है. वहीं इस बार किसी जनसभा या आन्दोलन में नहीं बल्कि इसकी चर्चा क्रिकेट फील्ड से शुरु हुई है. भारत में इसके बारे में कई मंत्री और सेलेब्रिटी ने ट्वीट किया है.
क्रिकेट फील्ड से ‘जय जवान जय किसान’
भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबों में दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है. दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन यानी 24 अगस्त को भारत ने पहली पारी में 503 रन बनाकर पारी घोषित कर दी. भारत की तरफ से देवदत्त पड्डिकल ने शतक लगाया. उनके अलावा ध्रुव जुरेल ने भी शतक लगाया. यह ‘जय जवान जय किसान’ की चर्चा ध्रुव जुरेल की शतक के सेलिब्रेशन से ही आया है. उन्होंने 115 रन बनाए.
ध्रुव जुरेल ने जब शतक लगाया तो वह अपनी बाजुएं उठा के बाइसेप्स दिखा रहे थे. उनके बाइसेप्स पर बने टैटू पर लिखा था ‘जय जवान जय किसान’. इसके पीछे कारण उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही बात की भी खूब सराहना हो रही है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया टैटू का राज़
मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने टैटू का राज बताया. एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उनके दादा किसान थे और उनके पिता सेना में थे. ऐसा परिवार से आना ही उनकी पहचान है. उन्होंने कहा कि वह अपने पुराने दिनों को हमेशा याद रखना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि मैं जहां से आया हूं, उसको कभी भूलना नहीं चाहता हूं.
"भारत का एक नारा जो जनसभाओं और आन्दोलनों में काफी प्रसिद्द है और खूब इस्तेमाल होता है वह चर्चा का विषय बना हुआ है. खास बात यह है कि इस चर्चा …"
