सोनम वांगचुक को उनके अनशन के 21वें दिन दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट कर दिया. उनके जाते ही आंदोलन ने एक नया मोड़ ले लिया है. अस्पताल शिफ्ट होने के तुरंत बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)ने आंदोलन जारी रखने की घोषणा की और कई महत्वपूर्ण फैसले किए.
अभिजीत दीपके ने मोर्चा संभाला
सोनम वांगचुक के अस्पताल पहुंचने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की. उनके साथ AISA के छात्र नेता नेहा, आमीन और मनीष भी अनशन पर है. संगठन का कहना है कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है. इसे आगे भी जारी रखा जाएगा. इसी दौरान एक महिला ने अभिजीत दीपके पर नीले रंग की स्याही फेंकी. घटना के बाद पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की.अभिजीत दीपके ने X पर वीडियो साझा करते हुए लिखा,'Blue is my colour…Jai Bhim.'
20 जुलाई का संसद मार्च और राजनीतिक मांगें
CJP ने स्पष्ट किया है कि 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च अपना कार्यक्रम के अनुसार होगा.संगठन ने छात्रों और समर्थकों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है. NEET पेपर लीक मामले में पहले केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही थी.अब पुलिस कार्रवाई के बाद CJP ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग भी उठाई है.
अस्पताल से स्वास्थ्य अपडेट
जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ाई गई है. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक स्थल खाली करने की अपील की है. पुलिस का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देश और मेडिकल सलाह के आधार पर सोनम वांगचुक को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. सफदरजंग अस्पताल ने उनकी हालत कमजोरी और डिहाइड्रेशन के बावजूद स्थिर बताई है. उनकी पत्नी गीतांजलि ने डॉक्टरों से परिवार की सहमति के बिना कोई उपचार न करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यदि सोनम 20 जुलाई के मार्च में शामिल नहीं हो पाए, तो वह स्वयं मार्च का नेतृत्व करेंगी.
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