जंतर मंतर पर महीने भर से चल रहा आंदोलन के लिए आज महत्वपूर्ण दिन है. आज आंदोलनकारियों ने जंतर मंतर से संसद भवन तक मार्च का एलान किया था. इसके तहत देश भर से करीब 10 हज़ार से ज़्यादा छात्र-छात्राएं इस आंदोलन का हिस्सा बने हैं. आंदोलन स्थल पर पुलिस ने सुरक्षा के साथ-साथ ही बैरिकेडिंग भी बढ़ा कर दी है. बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और RAF के जवान तैनात हैं. कॉकरोच जनता पार्टी(CJP) का मार्च सुबह 9 बजे शुरू होना था. लेकिन बैरिकेडिंग की वजह से प्रदर्शनकारी आगे नहीं बढ़ पा रहे है. साथ ही पुलिस ने छात्रों को डिटेन और लाठीचार्ज करना शुरू कर दिया हैं. लाठीचार्ज के बाद आंदोलन को लेकर नई हलचल देखने को मिल रही है.

सरकार ने बातचीत का प्रस्ताव दिया 

"कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मीडिया को बताया कि सरकार की तरफ़ से बातचीत की पेशकश की गई." इसके बाद मुख्य पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात करने जा रहे हैं.

सौरव दास ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि सरकार की ओर से सुबह बातचीत के लिए संपर्क किया गया था. इसी के बाद दोनों पक्षों के बीच आगे की चर्चा के लिए यह बैठक तय हुई है.

उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी मांगों पर पूरी तरह स्पष्ट है. इसी के साथ सौरव दास ने भरोसा जताते हुए लिखा, "युवा भारी संख्या में जुटे हैं. हमें विश्वास है कि हमारी आवाज सुनी जाएगी और हम जीतेंगे.

सोनम वांगचुक ने रखी 3 शर्तें

उधर, 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं. उन्होंने मांग की है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक की जिम्मेदारी स्वीकार करे. साथ ही, CJP प्रतिनिधिमंडल को संसद जाकर सांसदों से मिलने की अनुमति दी जाए, ताकि वे इस मुद्दे को संसद में उठाने का आश्वासन दें. अगर उनकी तबीयत की वजह से यह संभव नहीं हो पाता, तो सांसद सफदरजंग अस्पताल आकर उन्हें यही भरोसा दें.


 

"जंतर मंतर पर महीने भर से चल रहा आंदोलन के लिए आज महत्वपूर्ण दिन है. आज आंदोलनकारियों ने जंतर मंतर से संसद भवन तक मार्च का एलान किया था. इसके…"