नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में फिलहाल अपेक्षा से कम भीड़ देखने को मिली है प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे, लेकिन शुरुआती घंटों में मैदान पर मौजूद लोगों की संख्या अनुमान से कम दिखाई दी है.
पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके के दिल्ली पहुंचने और सोशल मीडिया पर लगातार चलाए गए अभियान के कारण बड़ी भीड़ की उम्मीद जताई जा रही थी. वहीं CJP समर्थकों का दावा था कि देशभर से युवा और छात्र जंतर-मंतर पहुंचेंगे. इसी आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने 1000 सैनिकों का बल जमीन पर तैनात किया था.
हालांकि, प्रदर्शन शुरू होने के बाद ग्राउंड पर उतनी भीड़ नजर नहीं आई जितनी प्रशासन, सरकार और स्वयं पार्टी नेतृत्व द्वारा अनुमानित मानी जा रही थी. इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं और मंच से लगातार संबोधन जारी है.
CJP की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है. पार्टी का आरोप है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों और युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है.
वहीं, आयोजकों का कहना है कि कई प्रदर्शनकारी अभी दिल्ली पहुंच रहे हैं और दिन बढ़ने के साथ भीड़ में इजाफा हो सकता है. दूसरी ओर, पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जंतर-मंतर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बरकरार रखी गई है.
फिलहाल, प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है, लेकिन शुरुआती तस्वीरों ने यह संकेत जरूर दिया है कि जिस विशाल जनसमर्थन की चर्चा पिछले कई दिनों से हो रही थी, वह अब तक जमीनी स्तर पर पूरी तरह दिखाई नहीं दिया है.
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