पंजाब में कथित वीडियो को लेकर भगवंत मान और अकाल तख्त के बीच छिड़ा राजनीतिक विवाद हरियाणा पहुंच गया है. इस मामले में गुरुग्राम पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या पंजाब पुलिस के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने फोरेंसिक टीम को 10 लाख रुपये की रिश्वत दी थी. खबरों के मुताबिक, यह लेन-देन मान के कथित वीडियो को फर्जी घोषित करने के लिए किया गया था.
गुरुग्राम पुलिस ने वीडियो मामले में अंकित और अरुण नाम के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है. इन दोनों के नाम पर दर्ज एफआईआर में पंजाब सरकार के दो अधिकारियों का भी जिक्र है, जिनमें एक डीआईजी रैंक के अधिकारी और एक एसपी रैंक के अधिकारी शामिल हैं.
जसप्रीत सिंह का पक्ष
यह मामला फोरेंसिक विशेषज्ञ जसप्रीत सिंह की शिकायत के बाद दर्ज किया गया था, जिन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें वीडियो क्लिप के संबंध में एक फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया था. खबरों के मुताबिक, जसप्रीत ने गुरुग्राम पुलिस को बताया कि उन्होंने दबाव में आकर रिपोर्ट गढ़ी थी. साथ ही उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनकी रिपोर्ट अकाल तख्त साहिब वाले मामले में पेश की जाएगी.
जसप्रीत ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने दो साइबर विशेषज्ञों, अंकित और अरुण को काम पर लगाया था. दावों के मुताबिक, एसपी रैंक के अधिकारी की देखरेख में रिपोर्ट तैयार की गई थी. इस रिपोर्ट को तब तक एडिट किया गया था, जब तक वह दोनों पुलिस अधिकारियों की अपेक्षाओं के अनुसार नहीं बन गई.
पंजाब अधिकारी पहुंचे थे हरियाणा
खबरों में यह भी दावा किया गया है कि कथित अधिकारियों ने 15 और 16 जून को गुरुग्राम में बैठकें की थीं. डीआईजी रैंक के अधिकारी ने 15 जून की रात गुरुग्राम के एक होटल में चेक-इन किया था. इसके एक घंटे बाद एसपी रैंक के दूसरे अधिकारी ने उसी होटल के एक अन्य कमरे में कमरा लिया था. इसके कुछ देर बाद जसप्रीत होटल में बैग लेकर पहुंचे और सबसे पहले एसपी रैंक के अधिकारी से मिले, फिर उनकी मुलाकात डीआईजी रैंक के अधिकारी से हुई.
कब हुई मुलाकात
मुलाकात का सिलसिला अगली रोज भी जारी रहा. जसप्रीत 16 जून की सुबह होटल लौटे और दोनों अधिकारियों से मिले. इस बैठक के दौरान डीआईजी रैंक के अधिकारी ने उन्हें दो अलग-अलग व्यक्तियों और प्रयोगशालाओं से साइबर फोरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त करने को कहा. जब जसप्रीत ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि ऐसी कोई भी रिपोर्ट "मनगढ़ंत" होगी, तो डीआईजी ने उन्हें पैसे का लालच दिया.
गुरुग्राम पुलिस की जांच
गुरुग्राम पुलिस ने जब मामले की तहकीकात की तो पता चला कि होटल से निकलते समय जसप्रीत को 10 लाख रुपये दिए गए थे. जांच में आगे पता चला कि जसप्रीत ने किस्त के रूप में 7.5 लाख रुपये लिए और अपने निजी बैंक खाते में 2.5 लाख रुपये जमा कर लिए. अंकित को 50,000 रुपये ऑनलाइन भी दिए गए थे.
AAP की सफाई
8 जून को आम आदमी पार्टी ने दावा किया था कि दो फोरेंसिक लैब की रिपोर्टों के मुताबिक मुख्यमंत्री मान और वीडियो में दिख रहे व्यक्ति के बीच कोई समानता नहीं पाई गई है. आम आदमी पार्टी के नेता और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता मुख्यमंत्री को बदनाम करने की राजनीतिक साजिश के तहत एक फर्जी वीडियो के माध्यम से जनता की भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं.
पंजाब की राजनीति
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. इसी क्रम में भगवंत मान के इस कथित वीडियो ने प्रदेश की राजनीति गरमा दी है. गौरतलब है कि सिख वोट बैंक आम आदमी पार्टी के पीछे 2022 से ही लामबंद रहा है. ऐसे में अकाल तख्त का फरमान AAP की मुश्किलें बढ़ा सकता है. दरअसल, इस वीडियो के कारण अकाल तख्त ने भगवंत मान को सिख विरोधी घोषित कर दिया है.
"पंजाब में कथित वीडियो को लेकर भगवंत मान और अकाल तख्त के बीच छिड़ा राजनीतिक विवाद हरियाणा पहुंच गया है. इस मामले में गुरुग्राम पुलिस अब इस बा…"
