चंडीगढ़ की राजनीति में अचानक एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने सख्त कदम उठाते हुए अपने चंडीगढ़ के पार्षद रामचंद्र यादव को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है. उन पर 'पार्टी विरोधी गतिविधियों' में शामिल होने का आरोप लगाया गया है. 
इस निष्कासन के बाद से ही शहर के सियासी हलकों में उनके कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाएं तेज हो गई थी, और आम आदमी पार्टी से निष्काषित होते ही, रामचन्द्र ने काँग्रेस जॉइन कर ली.  

निष्कासन पत्र जारी, लेकिन कारणों का विस्तृत ब्योरा नहीं
8 सितंबर 2026 को आम आदमी पार्टी द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से इस कार्रवाई की पुष्टि की गई. इस पत्र पर आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ के प्रभारी जरनैल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष विजय पाल सिंह और महासचिव ओंकार सिंह औलख के हस्ताक्षर हैं. 
पार्टी ने इस फैसले की सूचना आप के राष्ट्रीय संयोजक और राष्ट्रीय संगठन सचिव को भी भेज दी है. 
हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि निष्कासन पत्र में यादव की उन कथित 'पार्टी विरोधी गतिविधियों' का कोई स्पष्ट या विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है, जिसके कारण यह कड़ा कदम उठाया गया. 

कांग्रेस के साथ संपर्क में होने के थे चर्चे 
आप से निकाले जाने के बाद रामचंद्र यादव के अगले राजनीतिक कदम को लेकर सरगर्मियां बढ़ गई थी. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, उनके जल्द ही कांग्रेस का हाथ थामने की संभावना पहले ही जताई गई थी, जिसके कुछ ही समय बाद रामचन्द्र यादव ने काँग्रेस जॉइन कर लिया. 

 

-ममता सिंह 

"चंडीगढ़ की राजनीति में अचानक एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने सख्त कदम उठाते हुए अपने चंडीगढ़ के पार्षद रामचंद्र यादव …"