आम आदमी पार्टी (आप) को वित्त वर्ष 2025-26 में मिले चंदे में भारी गिरावट आई है. पार्टी ने चुनाव आयोग को सौंपी अपनी रिपोर्ट में इस साल 12.10 करोड़ रुपये के योगदान की जानकारी दी है, जो पिछले वित्त वर्ष के 38.10 करोड़ रुपये से 68 प्रतिशत कम है.
दो दानदाताओं पर निर्भरता
रिपोर्ट के मुताबिक कुल चंदे का बड़ा हिस्सा सिर्फ दो स्रोतों से आया. प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट और ट्राइडेंट लिमिटेड ने पार्टी को 5-5 करोड़ रुपये दिए. बाकी योगदान करीब 2.10 करोड़ रुपये रहा. इस तरह इन दोनों ने मिलकर पार्टी के कुल घोषित चंदे का लगभग 83 प्रतिशत दिया.
बीजेपी में शामिल हुए पूर्व सांसद की कंपनी
ट्राइडेंट लिमिटेड की स्थापना आप के पूर्व राज्यसभा सदस्य राजिंदर गुप्ता ने की थी. गुप्ता अक्टूबर 2025 में आप के टिकट पर राज्यसभा के लिए चुने गए थे, लेकिन अप्रैल 2026 में बीजेपी में शामिल हो गए. वो अब पंजाब से बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं.
रिपोर्ट के अनुसार ट्राइडेंट का 5 करोड़ रुपये का चेक 9 जनवरी 2026 की तारीख का है, यानी उस समय गुप्ता आप से जुड़े हुए थे. यह रकम पार्टी के कुल घोषित चंदे का 41 प्रतिशत से ज़्यादा है.
पिछले वर्षों का रुझान
आप का चंदा पिछले तीन वर्षों में काफी घटा-बढ़ा है. 2023-24 में यह 11.06 करोड़ रुपये था, 2024-25 में बढ़कर 38.10 करोड़ रुपये हुआ और 2025-26 में फिर गिरकर 12.10 करोड़ रुपये रह गया. प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट पिछले साल भी पार्टी का सबसे बड़ा दानदाता था. 2024-25 में उसने 16.40 करोड़ रुपये दिए थे.
नेताओं का योगदान
रिपोर्ट में पार्टी के शीर्ष नेताओं के नाम भी दर्ज हैं. अरविंद केजरीवाल के नाम 10-10 हज़ार रुपये के तीन योगदान हैं. पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने 3,500 रुपये की 12 किस्तों में कुल 42 हज़ार रुपये दिए. पंजाब आप अध्यक्ष अमन अरोड़ा के नाम 10-10 हज़ार रुपये की 12 किस्तें दर्ज हैं, यानी कुल 1.20 लाख रुपये.
दानदाताओं की सूची में CJP के आशुतोष रांका भी
दानदाताओं की सूची में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका का नाम भी है. वो पहले आप के प्रवक्ता थे. रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने 2025-26 में पार्टी को 21,100 रुपये का चंदा दिया. यह योगदान उनके CJP में भूमिका संभालने से पहले का बताया गया है.
दूसरे दलों में भी गिरावट
चंदे में गिरावट सिर्फ आम आदमी पार्टी तक सीमित नहीं है. तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) ने 2025-26 में 58.25 करोड़ रुपये का चंदा दिखाया है, जबकि पिछले साल यह 83.03 करोड़ रुपये था. वाईएसआर कांग्रेस का चंदा करीब 140.04 करोड़ रुपये से घटकर 24.31 करोड़ रुपये रह गया. टीडीपी को भी सबसे बड़ी रकम प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट से मिली है, जो 45 करोड़ रुपये है.
-ममता सिंह
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