दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में ABVP ने तीन पद जीते, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उपाध्यक्ष पद के नतीजे की है. यह पद निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन के खाते में गया है. खास बात यह है कि दीपांशु कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI से बगावत करके चुनाव मैदान में उतरे थे.

NSUI के उम्मीदवार तीसरे नंबर पर
ABVP और NSUI के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही इस चुनावी लड़ाई में दीपांशु ने दोनों संगठनों को पीछे छोड़ दिया. उन्होंने NSUI के अधिकृत उम्मीदवार वीर चतरथ को तीसरे स्थान पर पहुंचा दिया. वीर चतरथ कांग्रेस नेता मनीष चतरथ के बेटे हैं. यानी पार्टी के जिस उम्मीदवार पर संगठन ने भरोसा जताया, वह अपने ही बागी से हार गया.

NSUI के लिए दोहरा झटका
NSUI के लिए यह नतीजा दोहरी चोट है. एक तरफ संगठन का कोई भी उम्मीदवार किसी पद पर नहीं जीत सका, और वहीं दूसरी तरफ, उपाध्यक्ष की सीट उसी के एक बागी उम्मीदवार ने जीत ली.  हार के बाद अब पार्टी के भीतर सवाल उठ रहे हैं कि चूक कहां हुई.
वीर चतरथ को टिकट किसकी सिफारिश या दबाव में मिला, यह भी बड़ा सवाल है. साथ ही, अध्यक्ष पद के उम्मीदवार विजयशंकर मीणा के टिकट पर संगठन में जो असहमति थी, क्या उसका भी नुकसान हुआ?

ABVP की जीत
बाकी पदों पर ABVP का दबदबा रहा. यश डबास अध्यक्ष चुने गए, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव बने. अध्यक्ष पद पर मुकाबला काफी करीबी रहा. नौवें राउंड में NSUI के विजयशंकर मीणा सिर्फ एक वोट से आगे थे, लेकिन अंत में बाजी डबास के हाथ लगी. 

मतदान का आंकड़ा
चुनाव के लिए 18 सितंबर को 52 कॉलेजों में वोट डाले गए थे. कुल 1,51,519 छात्रों में से 61,312 ने मतदान किया, यानी करीब 40 प्रतिशत छात्रों ने वोट किया. 

 

-ममता सिंह 

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