भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी बिकवाली देखने को मिली. सेंसेक्स 813.35 अंक यानी 1.08% टूटकर 74,764.23 अंक पर बंद हुआ. बाजार में आई इस गिरावट के बीच निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹2 लाख करोड़ की कमी आई. बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बिकवाली का दबाव बना रहा.

सेंसेक्स 75 हजार के नीचे फिसला

BSE के आंकड़ों के मुताबिक, सेंसेक्स मंगलवार के 75,577.58 अंक के बंद स्तर के मुकाबले बुधवार को 75,216.22 अंक पर खुला. शुरुआती कारोबार में यह 75,251.23 अंक के उच्च स्तर तक पहुंचा, लेकिन इसके बाद बिकवाली बढ़ गई. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 74,764.23 अंक के निचले स्तर पर बंद हुआ. इस तरह मंगलवार के मुकाबले इसमें 813.35 अंक की गिरावट दर्ज की गई.

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₹2 लाख करोड़ की मार्केट कैप घटी

बाजार में तेज बिकवाली का असर सिर्फ सेंसेक्स और निफ्टी पर ही नहीं पड़ा, बल्कि व्यापक बाजार की कंपनियों के बाजार मूल्यांकन पर भी पड़ा. रिपोर्टों के मुताबिक बुधवार के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार की कुल मार्केट कैप में करीब ₹2 लाख करोड़ की कमी आई।.

आखिर बाजार क्यों गिरा?

1. कच्चा तेल $100 के करीब

बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजहों में से एक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है. भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगा तेल देश के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव डाल सकता है.

2. अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है. निवेशक ऐसे माहौल में जोखिम वाले एसेट्स से पैसा निकालने लगते हैं. पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने की आशंका ने कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ाई है.

3. रुपया कमजोर, डॉलर 95 के करीब

महंगे कच्चे तेल और वैश्विक दबाव के बीच भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ. बुधवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 95 के करीब पहुंच गया, जिससे बाजार का सेंटीमेंट और कमजोर हुआ. कमजोर रुपया भारत के लिए कच्चे तेल जैसे आयात को महंगा बना सकता है.

4. विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बढ़ा रही है. सितंबर के पहले सप्ताह में विदेशी पोर्टफ़ोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयरों से करीब ₹7,443 करोड़ निकाले थे. इससे घरेलू बाजार में विदेशी पूंजी के प्रवाह को लेकर चिंता बढ़ी है.

5. IT शेयरों में तेज गिरावट

बुधवार को IT शेयरों में भी दबाव देखने को मिला. प्रमुख IT कंपनियों के शेयरों में गिरावट ने इंडेक्स पर अतिरिक्त दबाव बनाया. शुरुआती कारोबार में निफ्टी IT इंडेक्स करीब 3% तक गिरा था.

6. अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर चिंता

बाजार में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर भी अनिश्चितता है. बढ़ती बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें विदेशी निवेशकों के लिए उभरते बाजारों को कम आकर्षक बना सकती हैं.

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट से निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है. फिलहाल कच्चे तेल की कीमत, रुपया, अमेरिका-ईरान तनाव और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख संकेतक रहेंगे.

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